10 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शनि अमावस्या और शुभ समय | Prime Assure News
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10 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शनि अमावस्या और शुभ-अशुभ समय


10 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शनि अमावस्या और शुभ-अशुभ समय

10 अक्टूबर 2026 का पंचांग: जानें अमावस्या तिथि, शुभ-अशुभ समय

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2026: शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। आज आश्विन मास, कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। शनिवार को अमावस्या पड़ने के कारण आज शनि अमावस्या का संयोग बन रहा है। साथ ही यह दिन सर्वपितृ अमावस्या के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इसलिए पितरों के तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य के लिए दिन विशेष है। 

नई दिल्ली के स्थानीय पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि रात करीब 9:20 बजे तक रहेगी। आज हस्त नक्षत्र रात करीब 9:42 बजे तक रहेगा और चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा। सूर्य भी कन्या राशि में स्थित है। 

आइए जानते हैं 10 अक्टूबर 2026 का पंचांग, शुभ-अशुभ समय, राहुकाल और आज के धार्मिक उपाय।

📅 आज का पंचांग (10 अक्टूबर 2026)

  • वार: शनिवार
  • तिथि: आश्विन मास, कृष्ण पक्ष अमावस्या
  • अमावस्या समाप्त: रात 9:20 बजे के आसपास
  • अगली तिथि: शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
  • नक्षत्र: हस्त, रात 9:42 बजे तक
  • योग: इंद्र योग, रात 10:02 बजे तक
  • करण: चतुष्पद, सुबह 9:24 बजे तक
  • चंद्र राशि: कन्या
  • सूर्य राशि: कन्या
  • सूर्योदय: 6:18 AM
  • सूर्यास्त: 5:57 PM
  • विशेष: शनि अमावस्या और सर्वपितृ अमावस्या

🌸 शुभ समय (दिल्ली समयानुसार)

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:40 AM – 05:29 AM
  • अभिजीत मुहूर्त: 11:44 AM – 12:31 PM
  • विजय मुहूर्त: 11:44 AM – 12:31 PM
  • गोधूलि मुहूर्त: 05:33 PM – 06:21 PM
  • प्रदोष काल: 05:57 PM – 07:27 PM
  • निशीथ काल: 11:43 PM – 12:33 AM

सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध के लिए विशेष समय:

  • कुतुप मुहूर्त: 11:45 AM – 12:31 PM
  • रौहिण मुहूर्त: 12:31 PM – 01:18 PM
  • अपराह्न काल: 01:18 PM – 03:37 PM

⚠️ अशुभ समय (दिल्ली समयानुसार)

  • राहुकाल: 09:13 AM – 10:40 AM
  • गुलिक काल: 06:18 AM – 07:46 AM
  • यमगंड काल: 01:35 PM – 03:02 PM
  • दुर्मुहूर्त: सुबह के शुरुआती समय में पंचांग के अनुसार अलग-अलग खंडों में

राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड के दौरान नए शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचने की धार्मिक मान्यता है।

🕉️ आज का उपाय

शनि अमावस्या और सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर पितरों का तर्पण करना और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या भोजन का दान करना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। शनिदेव की पूजा करते समय काले तिल और सरसों के तेल का दीपक अर्पित किया जा सकता है। पितरों की शांति के लिए श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें।

नोट: श्राद्ध और तर्पण की विधि परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार करें।

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