14 अक्टूबर 2026 का पंचांग: तिथि, राहुकाल और शुभ समय | Prime Assure News
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14 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शुभ-अशुभ समय और राहुकाल


14 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

14 अक्टूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ-अशुभ समय और आज की तिथि

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026: बुधवार, 14 अक्टूबर को हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज अनुराधा नक्षत्र और आयुष्मान योग का संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। आज विनायक चतुर्थी भी मनाई जा रही है। आइए जानते हैं आज की तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिन के प्रमुख पंचांग विवरण।

📅 आज का पंचांग (14 अक्टूबर 2026)

  • दिन: बुधवार
  • मास: आश्विन
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • तिथि: चतुर्थी, 15 अक्टूबर की रात लगभग 1:13 बजे तक
  • नक्षत्र: अनुराधा, 15 अक्टूबर की सुबह लगभग 4:03 बजे तक
  • योग: आयुष्मान, लगभग रात 8:38 बजे तक
  • करण: वणिज, दोपहर लगभग 12:17 बजे तक
  • चंद्र राशि: वृश्चिक
  • सूर्य राशि: कन्या
  • ऋतु: शरद
  • पर्व/व्रत: विनायक चतुर्थी, शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन

🌸 शुभ समय (दिल्ली समयानुसार)

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:41 से 05:31 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: लगभग सुबह 11:43 से दोपहर 12:30 बजे तक; बुधवार के लिए इसकी मान्यता पंचांग-परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है
  • प्रातःकालीन पूजा: सूर्योदय के बाद सुविधानुसार
  • मध्याह्न गणेश पूजा: लगभग सुबह 10:57 बजे से दोपहर 1:16 बजे तक
  • सूर्योदय: सुबह 06:21 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 05:52 बजे

⚠️ अशुभ समय (दिल्ली समयानुसार)

  • राहुकाल: दोपहर 12:07 से 01:33 बजे तक
  • यमगंड काल: सुबह 07:47 से 09:14 बजे तक
  • गुलिक काल: सुबह 10:40 से दोपहर 12:07 बजे तक

परंपरागत मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचा जाता है। किसी महत्वपूर्ण पूजा या संस्कार के लिए स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा भी देख लें।

🕉️ आज का उपाय

बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें। उन्हें दूर्वा और संभव हो तो मोदक या लड्डू अर्पित करें। पूजा के दौरान “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह उपाय बुद्धि, विवेक और कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना के रूप में किया जाता है।

निष्कर्ष

14 अक्टूबर 2026 का पंचांग चतुर्थी तिथि, अनुराधा नक्षत्र, आयुष्मान योग और विनायक चतुर्थी के कारण धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पूजा-पाठ या शुभ कार्य की योजना बनाते समय अपने शहर के अनुसार समय की पुष्टि जरूर करें।

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