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18 सितंबर 2026 पंचांग: तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल


18 सितंबर 2026 पंचांग: तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

18 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें तिथि, शुभ-अशुभ समय और आज का पंचांग

नई दिल्ली, 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो दोपहर करीब 1:00 बजे तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। आज ललिता सप्तमी, दूर्वा अष्टमी और ज्येष्ठा गौरी पूजा जैसे धार्मिक अवसर भी बताए गए हैं। ज्येष्ठा नक्षत्र रात 10:44 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होगा।

📅 आज का पंचांग — 18 सितंबर 2026

  • वार: शुक्रवार
  • मास: भाद्रपद
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • तिथि: सप्तमी, दोपहर 1:00 बजे तक
  • इसके बाद: अष्टमी तिथि
  • नक्षत्र: ज्येष्ठा, रात 10:44 बजे तक
  • इसके बाद: मूल नक्षत्र
  • योग: प्रीति, दोपहर 1:35 बजे तक
  • इसके बाद: आयुष्मान योग
  • करण: वणिज, दोपहर 1:00 बजे तक
  • चंद्र राशि: वृश्चिक, रात 10:44 बजे तक
  • सूर्य राशि: कन्या
  • ऋतु: शरद
  • सूर्योदय: 06:07 AM
  • सूर्यास्त: 06:23 PM
  • चंद्रोदय: 12:56 PM
  • चंद्रास्त: 10:52 PM 

🌸 आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: 04:33 AM – 05:20 AM
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 AM – 12:40 PM
अमृत काल: 12:54 PM – 02:41 PM

पंचांग गणना के अनुसार ये समय नई शुरुआत, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माने जाते हैं।

⚠️ आज का राहुकाल और अशुभ समय

  • राहुकाल: 10:43 AM – 12:15 PM
  • गुलिक काल: 07:39 AM – 09:11 AM
  • यमगंड: 03:19 PM – 04:51 PM
  • दुर्मुहूर्त: 08:34 AM – 09:23 AM
  • दुर्मुहूर्त: 12:40 PM – 01:29 PM 

राहुकाल और अन्य अशुभ समय में नई और महत्वपूर्ण शुरुआत करने से बचने की परंपरा है। पूजा-पाठ और दैनिक धार्मिक कार्य अपनी स्थानीय परंपरा के अनुसार किए जा सकते हैं।

🪔 18 सितंबर 2026 के प्रमुख धार्मिक अवसर

आज ललिता सप्तमी, दूर्वा अष्टमी और ज्येष्ठा गौरी पूजा का उल्लेख पंचांग में मिलता है। दूर्वा अष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु धार्मिक पूजा-अर्चना करते हैं, जबकि ज्येष्ठा गौरी पूजा भी आज के दिन से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है।

🕉️ आज का धार्मिक उपाय

आज श्रद्धा के साथ भगवान गणेश की पूजा कर दूर्वा अर्पित की जा सकती है। इसके साथ परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें। धार्मिक उपाय व्यक्तिगत आस्था और परंपरा पर आधारित होते हैं।

नोट: पंचांग के समय नई दिल्ली के स्थानीय समय के अनुसार हैं। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय-सूर्यास्त और मुहूर्त में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

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