4 सितंबर 2026 पंचांग: जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त और राहुकाल | Prime Assure News
Prime Assure News — Business, Finance, Stock Market & Latest More News

4 सितंबर 2026 का पंचांग: जन्माष्टमी पर जानें शुभ समय


4 सितंबर 2026 का पंचांग: जन्माष्टमी पर जानें शुभ समय

4 सितंबर 2026 का पंचांग: जन्माष्टमी पर जानें शुभ समय

नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित है। आज रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग भी बन रहा है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण की जन्मकथा से विशेष रूप से जोड़ा जाता है।

आइए जानते हैं 4 सितंबर 2026 का आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

📅 आज का पंचांग — 4 सितंबर 2026

  • वार: शुक्रवार
  • मास: भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष
  • तिथि: कृष्ण पक्ष अष्टमी
  • अष्टमी समाप्त: 5 सितंबर की रात लगभग 12:13 बजे
  • नक्षत्र: रोहिणी
  • रोहिणी समाप्त: रात लगभग 11:04 बजे
  • योग: हर्षण
  • हर्षण योग समाप्त: दोपहर लगभग 3:44 बजे
  • करण: बालव
  • बालव करण समाप्त: दोपहर लगभग 1:20 बजे
  • चंद्र राशि: वृषभ
  • सूर्य राशि: सिंह
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • ऋतु: शरद
  • विक्रम संवत: 2083
  • शक संवत: 1948 

🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: 06:00 AM
  • सूर्यास्त: 06:39 PM
  • चंद्रोदय: लगभग 11:29 PM
  • चंद्रास्त: लगभग 01:05 PM 

🌸 आज के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: लगभग 04:30 AM – 05:15 AM
  • अभिजीत मुहूर्त: 11:55 AM – 12:45 PM
  • अमृत काल: 08:03 PM – 09:33 PM
  • निशीथ काल: लगभग 11:57 PM – 12:43 AM
  • जन्माष्टमी पूजा का प्रमुख समय: निशीथ काल में 

जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विशेष रूप से निशीथ काल में की जाती है। भक्त इस दौरान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हैं और परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं।

⚠️ आज का राहुकाल और अशुभ समय

  • राहुकाल: 10:45 AM – 12:20 PM
  • गुलिक काल: 07:35 AM – 09:10 AM
  • यमगंड: 03:30 PM – 05:05 PM
  • दुर्मुहूर्त: 08:32 AM – 09:23 AM तथा 12:45 PM – 01:36 PM 

राहुकाल और अन्य अशुभ अवधि में नए या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है।

🦚 जन्माष्टमी पर क्या करें?

जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें, उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाएं और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप कर सकते हैं। भक्त अपनी परंपरा के अनुसार व्रत रखकर रात में जन्माष्टमी पूजा करते हैं।

नोट: पंचांग के मुहूर्त स्थान के अनुसार कुछ मिनट बदल सकते हैं। ऊपर दिए गए समय नई दिल्ली के लिए हैं।

संबंधित पोस्ट