इंदिरा एकादशी 2026 – व्रत, पूजा विधि और पारण समय | Prime Assure News
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इंदिरा एकादशी 2026: कल रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा विधि और पारण समय


इंदिरा एकादशी 2026: कल रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा विधि और पारण समय

इंदिरा एकादशी 2026: कल रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा विधि और पारण समय

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2026: पितृ पक्ष के बीच आने वाली इंदिरा एकादशी का व्रत इस साल 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। आश्विन कृष्ण पक्ष की यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इंदिरा एकादशी का व्रत पूर्वजों की शांति और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित करने के लिए विशेष महत्व रखता है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार 6 अक्टूबर को एकादशी तिथि रात 12:34 बजे तक रहेगी।

कब है इंदिरा एकादशी 2026?

इंदिरा एकादशी का व्रत मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। यह आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ पितरों का स्मरण और श्रद्धापूर्वक तर्पण करने की परंपरा भी जुड़ी हुई है।

पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को रात 12:34 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी।

इंदिरा एकादशी क्यों मानी जाती है खास?

इंदिरा एकादशी का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि यह पितृ पक्ष के दौरान आती है। धार्मिक मान्यताओं में इस व्रत को पूर्वजों की आत्मिक शांति और सद्गति की कामना से जोड़ा जाता है।

इसी वजह से इस दिन भगवान विष्णु की आराधना के साथ पितरों के लिए श्रद्धा, तर्पण और दान-पुण्य करने की परंपरा है। कई परिवार इस दिन अपने दिवंगत परिजनों को याद करते हुए धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।

इंदिरा एकादशी पूजा विधि

व्रत रखने वाले श्रद्धालु सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर पूजा का संकल्प लिया जाता है।

भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल और फल अर्पित किए जा सकते हैं। पूजा के दौरान विष्णु मंत्र या भगवान के नाम का जाप करना शुभ माना जाता है।

पितरों की श्रद्धा के लिए तर्पण और दान करने की परंपरा भी निभाई जाती है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान किया जा सकता है।

इंदिरा एकादशी पर क्या खाएं?

एकादशी व्रत में सामान्यतः अनाज, चावल और कई प्रकार की दालों का सेवन नहीं किया जाता। व्रत रखने वाले लोग अपनी क्षमता और परंपरा के अनुसार फलाहार या सात्विक आहार लेते हैं।

जो लोग निर्जला व्रत रखने में सक्षम नहीं हैं, वे फल, दूध या अन्य अनुमत व्रत सामग्री का सेवन कर सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर कठोर उपवास रखने के बजाय अपनी शारीरिक स्थिति को प्राथमिकता देना उचित है।

इंदिरा एकादशी 2026 पारण कब होगा?

इंदिरा एकादशी का पारण 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। दिल्ली के लिए उपलब्ध वैष्णव पंचांग में पारण का समय सुबह 6:17 बजे से 10:12 बजे तक बताया गया है। स्थान के अनुसार सूर्योदय और पारण के समय में कुछ अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।

इंदिरा एकादशी पर इन बातों का रखें ध्यान

एकादशी के दिन भगवान विष्णु का स्मरण और सात्विक आचरण करने की परंपरा है। इस दिन अनावश्यक विवाद, क्रोध और नकारात्मक व्यवहार से बचने की सलाह धार्मिक मान्यताओं में दी जाती है।

व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को अपनी क्षमता के अनुसार उपवास करना चाहिए और पूजा के साथ जरूरतमंदों की मदद तथा दान-पुण्य पर भी ध्यान देना चाहिए।

निष्कर्ष

इंदिरा एकादशी 2026 का व्रत 6 अक्टूबर, मंगलवार को रखा जाएगा। पितृ पक्ष में पड़ने के कारण यह एकादशी धार्मिक रूप से विशेष मानी जाती है। भगवान विष्णु की पूजा, पितरों का स्मरण, तर्पण और सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य इस दिन के प्रमुख धार्मिक कार्य माने जाते हैं।

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