जंतर-मंतर पर सुरक्षा फोर्स: कौन-कौन तैनात? | Prime Assure News
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जंतर-मंतर पर कितनी सुरक्षा फोर्स तैनात है? जानें


जंतर-मंतर पर कितनी सुरक्षा फोर्स तैनात है? जानें

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर से चल रहे प्रदर्शन के बीच राजधानी के मध्य हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था लगातार कड़ी बनी हुई है। प्रदर्शन का असर जंतर-मंतर के अलावा नई दिल्ली के दूसरे संवेदनशील इलाकों तक पहुंचने के बाद दिल्ली पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भी तैनाती की है।

रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस, दिल्ली पुलिस रिजर्व बटालियन, CRPF और उसकी Rapid Action Force (RAF) के जवान शामिल हैं। इसके अलावा नई दिल्ली क्षेत्र के कई पुलिस थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को भी ड्यूटी पर लगाया गया है।

जंतर-मंतर पर कौन-कौन सी फोर्स तैनात है?

अभी तक सार्वजनिक रिपोर्टों में जिन प्रमुख सुरक्षा बलों का उल्लेख हुआ है, उन्हें broadly इस तरह समझा जा सकता है:

1. दिल्ली पुलिस

प्रदर्शन स्थल और आसपास कानून-व्यवस्था संभालने की मुख्य जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के पास है।

नई दिल्ली इलाके के कई पुलिस थानों से अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों और आसपास के इलाकों में आठ न्यू दिल्ली पुलिस स्टेशनों से स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है।

2. दिल्ली पुलिस रिजर्व बटालियन

स्थानीय पुलिस के अलावा Delhi Police Reserve Battalion को भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है।

इस तरह की रिजर्व तैनाती का उद्देश्य बड़े जमावड़े की स्थिति में अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध रखना और कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालना होता है। जंतर-मंतर के मौजूदा प्रदर्शन में रिजर्व बटालियन की तैनाती की पुष्टि रिपोर्टों में की गई है।

3. CRPF

जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था में Central Reserve Police Force यानी CRPF की भी तैनाती की गई है।

CRPF केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है और बड़े सार्वजनिक प्रदर्शनों तथा कानून-व्यवस्था की परिस्थितियों में राज्यों की पुलिस को सहायता देने के लिए तैनात की जा सकती है।

2 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के साथ CRPF की मौजूदगी की रिपोर्ट सामने आई थी।

4. Rapid Action Force यानी RAF

सुरक्षा व्यवस्था में Rapid Action Force (RAF) का भी इस्तेमाल किया गया है।

RAF, CRPF की विशेष anti-riot इकाई है, जिसे बड़े और संवेदनशील सार्वजनिक जमावड़ों को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जंतर-मंतर के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और CRPF के साथ RAF की तैनाती की रिपोर्ट की गई है।

5. अन्य CAPF की तैनाती

रिपोर्टों में Central Armed Police Forces (CAPF) की अतिरिक्त तैनाती का भी उल्लेख है। हालांकि, मौजूदा 2 अक्टूबर के प्रदर्शन के संदर्भ में हर CAPF यूनिट की सटीक संख्या या पूरी सूची सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

इसलिए किसी विशेष बल या कंपनी की संख्या को बिना आधिकारिक पुष्टि के निश्चित आंकड़े के रूप में बताना सही नहीं होगा।

आखिर इतनी बड़ी सुरक्षा क्यों लगाई गई?

2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी थी। पुलिस को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने की आशंका थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने करीब 3,000 से 4,000 लोगों के संभावित जमावड़े का अनुमान लगाया था।

इसके अलावा नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए थे। बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों की सभा, जुलूस, प्रदर्शन और धरना प्रतिबंधित किया गया था।

बैरिकेडिंग और ट्रैफिक व्यवस्था भी बढ़ाई गई

सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ जंतर-मंतर की ओर जाने वाले कई रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए और आवाजाही को नियंत्रित किया गया।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी नई दिल्ली, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास यातायात को लेकर एडवाइजरी जारी की थी।

प्रदर्शन के दौरान क्यों बढ़ी चुनौती?

2 अक्टूबर को शुरू हुआ प्रदर्शन अगले कई दिनों में एक ही स्थान तक सीमित नहीं रहा। विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों, कार्यकर्ताओं और अन्य समूहों ने मध्य दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन या मार्च करने की कोशिश की।

इसी वजह से पुलिस के लिए केवल जंतर-मंतर की सुरक्षा करना ही चुनौती नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग स्थानों पर जमा हो रही भीड़ को नियंत्रित करना भी जरूरी हो गया।

रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान कई FIR दर्ज हुईं और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

कौन-सी फोर्स कितनी संख्या में है?

यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी सुरक्षा बलों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है।

सार्वजनिक रिपोर्टों से दिल्ली पुलिस, दिल्ली पुलिस रिजर्व बटालियन, CRPF और RAF की मौजूदगी की जानकारी मिलती है। लेकिन अलग-अलग बलों के जवानों या कंपनियों की वर्तमान संख्या को लेकर आधिकारिक तौर पर एक समेकित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे अपुष्ट आंकड़ों को तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

निष्कर्ष

जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर से चल रहे प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर की गई है। इसमें दिल्ली पुलिस की स्थानीय टीमें, दिल्ली पुलिस रिजर्व बटालियन, CRPF और उसकी Rapid Action Force प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा CAPF की अतिरिक्त तैनाती और नई दिल्ली क्षेत्र के कई पुलिस थानों से जवानों की ड्यूटी लगाई गई है।

प्रदर्शन के लगातार अलग-अलग इलाकों तक फैलने के कारण सुरक्षा व्यवस्था भी केवल जंतर-मंतर तक सीमित नहीं रही है।

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