हरतालिका तीज 2026 – व्रत, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त | Prime Assure News
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हरतालिका तीज 2026: आज व्रत, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त


हरतालिका तीज 2026: आज व्रत, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

हरतालिका तीज 2026: आज व्रत, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026: आज सोमवार को देशभर में हरतालिका तीज 2026 का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत करती हैं।

हरतालिका तीज 2026 कब है?

इस वर्ष हरतालिका तीज 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जा रही है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। दिल्ली के अनुसार तृतीया तिथि 13 सितंबर सुबह 7:08 बजे शुरू हुई और 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे समाप्त होगी।

हरतालिका तीज पूजा का शुभ मुहूर्त

दिल्ली में हरतालिका तीज की प्रातःकालीन पूजा का शुभ समय सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक बताया गया है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के अंतर के कारण पूजा मुहूर्त कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय देखना बेहतर माना जाता है।

हरतालिका तीज का धार्मिक महत्व

हरतालिका तीज माता पार्वती की भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए की गई कठोर तपस्या और संकल्प से जुड़ा पर्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठिन तप किया था।

इसी श्रद्धा और समर्पण की स्मृति में महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। यह पर्व प्रेम, निष्ठा, दांपत्य जीवन और संकल्प का प्रतीक माना जाता है।

हरतालिका तीज पर कैसे करें पूजा?

हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विशेष रूप से की जाती है। पूजा के दौरान गणेश जी का स्मरण करके शिव-पार्वती की प्रतिमा या मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की पूजा करने की परंपरा है।

पूजा में फूल, फल, अक्षत, रोली, चंदन, धूप, दीप और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जाती है। इसके बाद हरतालिका तीज व्रत कथा का पाठ और भगवान शिव-माता पार्वती की आरती की जाती है।

निर्जला व्रत का भी है महत्व

हरतालिका तीज का व्रत परंपरागत रूप से कठिन व्रतों में माना जाता है। कई महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं, यानी पूरे दिन भोजन और पानी का सेवन नहीं करतीं। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर कठोर उपवास रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

सोलह श्रृंगार और मेहंदी की परंपरा

हरतालिका तीज पर महिलाओं के बीच सोलह श्रृंगार, मेहंदी, पारंपरिक साड़ी और आभूषण पहनने की विशेष परंपरा है। कई जगहों पर महिलाएं समूह में तीज गीत गाती हैं और पूजा-अर्चना करती हैं।

आज क्यों खास है हरतालिका तीज?

इस वर्ष हरतालिका तीज के साथ गणेश चतुर्थी भी 14 सितंबर को पड़ रही है, जिससे आज का दिन धार्मिक रूप से और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

निष्कर्ष

हरतालिका तीज 2026 श्रद्धा, प्रेम और वैवाहिक सुख की कामना से जुड़ा महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है। आज महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सुखी दांपत्य जीवन, परिवार की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की प्रार्थना कर रही हैं।

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