31 अक्टूबर 2026 का पंचांग: षष्ठी तिथि और मुहूर्त | Prime Assure News
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31 अक्टूबर 2026 का पंचांग: षष्ठी तिथि और शुभ मुहूर्त


31 अक्टूबर 2026 का पंचांग: षष्ठी तिथि और शुभ मुहूर्त

31 अक्टूबर 2026 का पंचांग: षष्ठी तिथि और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026: शनिवार का दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि के साथ शुरू होगा। यह तिथि शाम लगभग 4:57 बजे तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी। पंचांग के अनुसार आर्द्रा नक्षत्र सुबह 7:12 बजे तक रहेगा और फिर पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ होगा। दिन में सिद्ध योग रहेगा, जो शाम के समय समाप्त होकर साध्य योग में बदल जाएगा। आइए जानते हैं आज के पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल की पूरी जानकारी।

आज का पंचांग (31 अक्टूबर 2026)

  • वार: शनिवार
  • मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमान्त)
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • तिथि: षष्ठी शाम 4:57 बजे तक, इसके बाद सप्तमी
  • नक्षत्र: आर्द्रा सुबह 7:12 बजे तक, फिर पुनर्वसु
  • योग: सिद्ध योग शाम 5:31 बजे तक, फिर साध्य योग
  • करण: वणिज शाम 4:57 बजे तक, फिर विष्टि (भद्रा)
  • चंद्र राशि: मिथुन
  • सूर्य राशि: तुला
  • ऋतु: शरद

शुभ समय (दिल्ली समयानुसार)

  • ब्रह्म मुहूर्त: लगभग 04:48 AM – 05:40 AM
  • अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:42 AM – 12:26 PM
  • विजय मुहूर्त: लगभग 01:55 PM – 02:39 PM
  • सूर्योदय: लगभग 06:32 AM
  • सूर्यास्त: लगभग 05:37 PM

अशुभ समय (दिल्ली समयानुसार)

  • राहुकाल: लगभग 09:18 AM – 10:41 AM
  • यमगंड काल: लगभग 01:27 PM – 02:50 PM
  • गुलिक काल: लगभग 06:32 AM – 07:55 AM

पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इन समयों का उपयोग और महत्व अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में भिन्न हो सकता है।

आज का धार्मिक महत्व

शनिवार का दिन परंपरागत रूप से भगवान शनि की उपासना से जुड़ा माना जाता है। श्रद्धालु अपनी मान्यताओं के अनुसार शनि देव की पूजा, मंत्र जाप और जरूरतमंदों की सहायता कर सकते हैं। कार्तिक मास में पूजा-पाठ, दीपदान और दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है।

आज का उपाय

शनिवार के दिन श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार शनि देव के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, काले तिल या उपयोगी वस्तुओं का दान करना भी सेवा का एक तरीका है। भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा भी अपनी श्रद्धा के अनुसार की जा सकती है। ये धार्मिक उपाय आस्था पर आधारित हैं।

निष्कर्ष

31 अक्टूबर 2026 के पंचांग में कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, आर्द्रा से पुनर्वसु नक्षत्र का परिवर्तन और सिद्ध योग प्रमुख हैं। दिल्ली में राहुकाल सुबह 9:18 से 10:41 बजे तक रहेगा। व्रत, पूजा या किसी शुभ कार्य की योजना बनाने से पहले स्थानीय पंचांग के समय की पुष्टि अवश्य करें।

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