27 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शुभ मुहूर्त और राहुकाल | Prime Assure News
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27 अक्टूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ-अशुभ समय


27 अक्टूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ-अशुभ समय

27 अक्टूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ-अशुभ समय

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2026: मंगलवार, 27 अक्टूबर को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह लगभग 7:01 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि आरंभ होगी। आज भरणी नक्षत्र दोपहर लगभग 3:39 बजे तक रहेगा, जिसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा। पंचांग के अनुसार आज सिद्धि योग भी सुबह लगभग 10:53 बजे तक रहेगा। धार्मिक कार्यों, पूजा और दिन की योजना बनाने से पहले आज के शुभ-अशुभ समय की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग (27 अक्टूबर 2026)

  • वार: मंगलवार
  • मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमान्त)
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • तिथि: प्रतिपदा सुबह लगभग 7:01 बजे तक, इसके बाद द्वितीया
  • नक्षत्र: भरणी दोपहर लगभग 3:39 बजे तक, फिर कृत्तिका
  • योग: सिद्धि योग सुबह लगभग 10:53 बजे तक, इसके बाद व्यतीपात योग
  • करण: कौलव सुबह लगभग 7:01 बजे तक, फिर तैतिल
  • चंद्र राशि: मेष, रात लगभग 9:06 बजे के बाद वृषभ
  • सूर्य राशि: तुला
  • ऋतु: शरद
  • विक्रम संवत: 2083

शुभ समय (दिल्ली समयानुसार)

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:46 AM – 05:38 AM
  • अमृत काल: 11:15 AM – 12:43 PM
  • अभिजीत मुहूर्त: 11:42 AM – 12:27 PM
  • विजय मुहूर्त: 01:56 PM – 02:41 PM
  • सूर्योदय: लगभग 06:29 AM
  • सूर्यास्त: लगभग 05:40 PM

अशुभ समय (दिल्ली समयानुसार)

  • राहुकाल: 02:52 PM – 04:16 PM
  • यमगंड काल: 09:17 AM – 10:40 AM
  • गुलिक काल: 12:04 PM – 01:28 PM

पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में नए या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इन समयों का उपयोग अपनी धार्मिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार करें।

आज का धार्मिक महत्व और उपाय

मंगलवार को श्रद्धालु भगवान हनुमान की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। अपनी श्रद्धा के अनुसार हनुमान मंदिर में दर्शन करें और जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करें। पूजा के दौरान शांति और सद्भाव की भावना बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

27 अक्टूबर 2026 के पंचांग में सुबह प्रतिपदा तिथि के बाद द्वितीया का आरंभ, भरणी के बाद कृत्तिका नक्षत्र और सिद्धि के बाद व्यतीपात योग का संयोग है। दिन के शुभ मुहूर्त और राहुकाल को ध्यान में रखकर पूजा-पाठ तथा अन्य कार्यों की योजना बनाई जा सकती है। पंचांग के समय दिल्ली के अनुसार हैं; अन्य शहरों में इनमें अंतर हो सकता है।

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