अजा एकादशी 2026: व्रत, पूजा विधि और पारण समय | Prime Assure News
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अजा एकादशी 2026: आज व्रत, पूजा विधि और महत्व


अजा एकादशी 2026: आज व्रत, पूजा विधि और महत्व

अजा एकादशी 2026: आज रखा जा रहा है पवित्र व्रत

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: आज सोमवार को अजा एकादशी 2026 का व्रत रखा जा रहा है। पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और भक्त इस दिन उपवास, पूजा, विष्णु मंत्र जाप तथा धार्मिक कार्यों के माध्यम से भगवान श्रीहरि का स्मरण करते हैं।

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार 7 सितंबर को एकादशी तिथि शाम 5:03 बजे तक रहेगी। इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र शाम 6:14 बजे तक है। सूर्योदय सुबह 6:02 बजे और सूर्यास्त शाम 6:36 बजे बताया गया है।

अजा एकादशी 2026 कब है?

अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जा रहा है। इस दिन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सूर्योदय के समय विद्यमान होने के कारण व्रत आज ही रखा जाता है।

अजा एकादशी को कुछ परंपराओं में अन्नदा एकादशी भी कहा जाता है। यह भगवान विष्णु की आराधना और आत्मिक अनुशासन का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

अजा एकादशी की पूजा विधि

अजा एकादशी के दिन भक्त सुबह स्नान करके भगवान विष्णु का ध्यान कर सकते हैं। इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर फल, फूल और तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है।

भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार विष्णु मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर सकते हैं। कई श्रद्धालु दिनभर उपवास रखते हैं और रात्रि में भजन-कीर्तन या जागरण करते हैं।

अजा एकादशी व्रत में क्या खाएं?

व्रत की परंपरा व्यक्ति और संप्रदाय के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य फलाहार परंपरा में फल, दूध तथा कुछ व्रत-अनुकूल खाद्य पदार्थ लिए जाते हैं।

एकादशी व्रत में आम तौर पर अनाज और दालों से परहेज किया जाता है। पूर्ण निर्जला व्रत हर व्यक्ति के लिए आवश्यक नहीं है; अपनी स्वास्थ्य स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत रखना उचित है।

अजा एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अजा एकादशी का व्रत व्यक्ति को संयम, भक्ति और आध्यात्मिक शुद्धता की ओर प्रेरित करता है। अजा एकादशी की व्रत कथा में राजा हरिश्चंद्र का उल्लेख मिलता है। कथा के अनुसार कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का पालन करने वाले राजा हरिश्चंद्र ने अजा एकादशी का व्रत किया और भगवान की कृपा प्राप्त की।

8 सितंबर को होगा पारण

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है। नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग में 8 सितंबर 2026 को पारण का समय लगभग सुबह 6:02 बजे से 10:13 बजे तक दिया गया है। स्थानीय पंचांग और अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार अंतिम समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

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